भारतीय वायुसेना एक विशाल एयरशिप विकसित करने की योजना बना रही है जिसकी पेलोड क्षमता 5000 किलोग्राम होगी। यह सीमा निगरानी के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।
यह एयरशिप लंबे समय तक हवा में रह सकेगा और दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों पर नज़र रख सकेगा। पारंपरिक ड्रोन की तुलना में इसकी क्षमता कई गुना अधिक होगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान सीमाओं पर यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी। यह राहत कार्यों में भी मदद कर सकता है।
भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए कई स्वदेशी परियोजनाएं शुरू की हैं। यह एयरशिप उसी दिशा में एक और कदम है।