केंद्र सरकार ने संसद के बजट सत्र को तीन दिन बढ़ाने का फैसला किया है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना है।
यह विधेयक दशकों से लंबित है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
विपक्ष ने भी इस विधेयक पर समर्थन का संकेत दिया है। हालांकि ओबीसी कोटे के भीतर महिला आरक्षण को लेकर कुछ दलों की अलग मांगें हैं।
अगर यह विधेयक पारित होता है तो अगले आम चुनाव से इसका प्रभाव दिखना शुरू हो सकता है।